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पुलिस अधीक्षक ने किया बेरुई गांव का दौरा, लोगों से की अंधविश्वास से उबरने की अपील , बंद कराया गया अन्धविश्वास का गोरखधंधा।

👉 कौशाम्बी

सराय अकिल के बेरूई गांव में एक 6 साल के मासूम गोलू से गोलू बाबा बनाकर अन्धविश्वास के गोरखधंधे को कौशाम्बी पुलिस ने बंद करा दिया है | पिछले 20 दिनों से छू कर इलाज के नाम पर भोली-भाली जनता को ठगा जा रहा था | सराय अकिल थाना क्षेत्र के बेरुई गांव के कथित संत गोलू बाबा के स्पर्श करने मात्र से बड़ी बड़ी बीमारियों के ठीक होने का दावा किया जा रहा है। पिछले 20 दिनों से गोलू बाबा के इतने समर्थक हो गये कि जनपद ही नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों व दूसरे जिलों से लोग गोलू बाबा के दर्शन करने आने लगे। क्षेत्रीय विधायक के साथ -साथ मंझनपुर पुलिस ने भी कथित संत के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और अंधविश्वास को बढ़ावा दिया। सप्ताह भर पहले गोलू बाबा के बीमार पड़ जाने पर जिला अस्पताल के डाक्टरों ने उनके सम्पूर्ण शरीर की जांच किया और दावा किया कि बालक में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे उसे अलग ईश्वरीय शक्ति मिली हो। प्रशासन ने लगातार बेरुई गांव पहुंचकर लोगों से अंधविश्वास के ऊपर उठने की अपील की। लेकिन भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को लगभग सौ समर्थकों ने थाने का घेराव कर अपना विरोध जताया। इंस्पेक्टर मनीष कुमार पांडेय ने किसी तरह समर्थकों को समझा बुझाकर वापस भेज दिया। समर्थकों द्वारा थाना घेराव की सूचना पर पहुंचे पुलिस बल के साथ पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता व सीओ मंझनपुर सच्चिदानंद पाठक ने बेरुई गांव जाकर समर्थकों को समझाया कि गोलू बाबा में ऐसी कोई ईश्वरीय शक्ति नहीं है जिससे लोगों का भला हो सके यह सिर्फ अंधविश्वास है और इसे बढ़ावा न दें।अपील के बाद भी नहीं मानने पर मुकदमा दर्ज करके कानूनी कार्यवाही की जायेगी। पुलिस अधीक्षक के साथ मौजूद पुलिस बल ने सभी समर्थकों को बेरुई गांव से हटा दिया है।

रिपोर्ट- धीरज पाठक पत्रकार