Uttar Pradesh

ठेकेदार की मनमानी-जब सैंया हैं कोतवाल तो फिर डर काहे का, तीन वर्ष बीते नही करोड़ों की लागत से बनने वाला तालाब दयनीय हालात में।

अझुवा जनपद कौशाम्बी:-

नगर पंचायत अझुवा के वार्ड नं. 2 अम्बेडकर नगर में स्थित धोबीघाट तालाब के विकास के लिए दिसंबर 2016 में समाजवादी पार्टी की सरकार ने नगरीय तालाब,पोखर संरक्षण योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 38 लाख का भारी भरकम राशि स्वीकृति करते हुए 16 दिसम्बर 2016 को 50 लाख रुपये जारी किया था ,

धोबीघाट तालाब के सौंदर्यीकरण का टेण्डर सिराथू की एक फर्म को दिया गया ,पिछले 3 सालों में तालाब का सौंदर्यीकरण देखकर समझा जा सकता है।

ठेकेदार का जब मन करता है तभी काम लगवाता है,निर्माण की गुणवत्ता रामभरोसे है कुछ दिन पहले बरसात में अर्धनिर्मित बाउंड्रीवाल का बड़ा हिस्सा और उसका भीतरी भाग भी घटिया गुणवत्ता एवं मानक विहीन कार्य के कारण भरभरा कर गिर गया था,,,तालाब निर्माण की निगरानी करने वाले अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही साफ देखी जा सकती है।

इस संबंध में वर्तमान अधिशासी अधिकारी सूर्यप्रकाश गुप्ता ने बताया धोबीघाट तालाब का सौंदर्यीकरण 2करोड़ 38 लाख के कुल बजट से तालाब ,तालाब के भीतर का निर्माण उसकी मार्किंग सीढ़ियों के निर्माण बाहरी भाग का निर्माण सहित उस पर चारों ओर ग्रिलिंग गेट चारों ओर सड़क का निर्माण क्यारियों का निर्माण बैठने के लिये सीमेंट की कुर्सी और प्रकाश सम्बंधित कार्य कराए जाने के लिए इसी बजट के अंदर 50 लाख रुपये अवमुक्त है

अधिशासी अधिकारी ने बताया 16 दिसम्बर 2016 को 50 लाख और 6 दिसम्बर 2017 को 94 लाख रुपये नगर पंचायत अझुवा से तालाब सौंदर्यीकरण के लिए अवमुक्त किया गया है,

तालाब सौंदर्यीकरण कार्य पूरा न होने के संबंध में जब सवाल किया गया तो अधिशासी अधिकारी ने बताया कि हमने तीन बार कार्य जल्द पूरा करवाने का नोटिस दिया लेकिन किसी नोटिस का जवाब ठेकेदार ने नही दिया

तालाब सौंदर्यीकरण में जो घोटाला किया जा रहा है उस पर जिलाधिकारी की नजर कब पड़ती है! यह सवाल नगरवासियों के मन मे कौंध रहा है।

रिपोर्ट- संतलाल मौर्या पत्रकार