Uttar Pradesh धर्म

तुलसी दास जी की जन्मस्थली राजापुर में स्थित उनकी स्मारक स्थली हो रही है वीरान, माननीय मुख्यमंत्री योगी जी को इनकी तरफ भी ध्यान देना आवश्यक।

राजापुर उत्तरप्रदेश

तुलसी दास जी की जन्मस्थली जो की विश्व प्रसिद्ध है आज ये धरोवर एक वीरान पड़ी हुई है जिसको ध्यान देने वाला कोई नही है वहाँ के मंहत जी से पूछने पर जानकारी मिली की यहाँ ट्रस्ट के नाम है पर कोई ट्रस्टी नही है। इस स्मारक में 100 से भी अधिक दुकाने आगे बाउंड्री साइड में बनी हुई है जिस में से लाखों रुपए महीने का किराया आता है पर कोई ट्रस्टी न होने के कारण 4 साल से कोई भी किराया नही वसूला गया है इस के पहले प्रसाशन किराया वसूल कर के इस स्मारक के नाम जमा कर देती थी पर कोर्ट द्वारा मना करने पर तब से कार्य कोई नही कर रहा है और अधिक जनाकारी पता करने पर पता चला की इस स्मारक के नाम 20 करोड़ से भी अधिक रुपए जमा है पर हकीकत क्या है इस का पुख्ता सबूत नही है । सरकार को इस विश्व प्रसिद्ध धरोवर को बचाना चाहिए और इस स्मारक में कई एकड़ जमीन पड़ी हुई है सरकार को उस को ट्यूरिज्म की तरह बनना चाहिए जिस से की देशी और विदेशी सैलानिया को आवागमन बढ़ सके और राजपुर जैसे स्थान विकसित हो सके । आप को बताना चाहेंगे राजपुर चित्रकूट जिले में आता है वही चित्रकूट जिला जहाँ पर राम भगवान ने 14 वर्ष वनवास कटा था जहाँ पर कामद गिरी पर्वत की परिक्रमा करने के लिए हजार लोग प्रतिदिन भारी संख्या में आते है जहाँ पर कामतानाथ स्वमी जी स्थापित है यहाँ पर जाने के लिए राजपुर मुख्या मार्ग है और इसी मुख्य मार्ग पर रामचरित मानस के रचयिता श्री तुलसी दास जी का स्मारक है जिस पर ध्यान देने वाला कोई नही है। सरकार को इसकी कायाकल्प के बारे में सोचना चाहिए।

रिपोर्ट- प्रधान कार्यालय